अगर कारण ही बनना है तो रिश्तों को जोड़ने का कारण बनो, तोड़ने का नहीं। अगर कारण ही बनना है तो रिश्तों को जोड़ने का कारण बनो, तोड़ने का नहीं।
देखो आज कितना समझदार हो गए हैं देखो आज कितना समझदार हो गए हैं
नीरज बचपन से ही भाग्यवादी विचारधारा वाला व्यक्ति था। नीरज बचपन से ही भाग्यवादी विचारधारा वाला व्यक्ति था।
शायद अत्यंत क्रोधी प्रवृत्ति उसके स्वच्छ हृदय और निर्मल मन का परिचायक थी शायद अत्यंत क्रोधी प्रवृत्ति उसके स्वच्छ हृदय और निर्मल मन का परिचायक थी
वह जो हममें तुममें करार था, तुम्हें याद हो कि न याद हो... वह जो हममें तुममें करार था, तुम्हें याद हो कि न याद हो...